Fundamental Rights In Hindi: मौलिक अधिकार

Fundamental Rights In Hindi: मौलिक अधिकार क्या है?

Fundamental Rights In Hindi: मौलिक अधिकार या मूल अधिकार वह होते हैं जो व्यक्ति के जीवन जीने के लिये बहुत जरुरी होते है। मौलिक अधिकार संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदान किये जाते हैं, और जिनमें राज्य ( “राज्य” शब्द से तात्पर्य है – संघ सरकार, राज्य सरकार दोनों) द्वार कोई हस्तक्षेप नही किया जा सकता है। ऐसे अधिकार व्यक्ति के सम्पूर्ण विकास के लिए आवश्यक हैं और इनके बिना मनुष्य का विकास असंभव है। 

(Indian fundamental rights in Hindi) यदि मौलिक अधिकार किसी व्यक्ति को ना दिया जाये तो उस व्यक्ति का जीवन किसी जेल गए व्यक्ति के सामान हो जायेगा। क्योंकि जेल मे व्यक्ति के 90 प्रतिशत अधिकारों को छीन लिया जाता है, उस व्यक्ति का जीवन नरक के सामान हो जाता है।

इन मौलिक अधिकारों को संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से लिया गया है। 

 

ये अधिकार कई कारणों से मौलिक हैं- (Why Fundamental Rights are Fundamental)

 

1. इन अधिकारों को देश के संविधान में स्थान दिया गया है तथा संविधान में संशोधन की प्रक्रिया के अलावा उनमें किसी भी प्रकार का संशोधन (Amendment) नहीं किया जा सकता इसलिए इन्हे मौलिक कहा जाता है। 

2. ये अधिकार व्यक्ति के प्रत्येक पक्ष के विकास (development) के लिए मूल रूप में आवश्यक हैं, इनके अभाव में व्यक्ति के व्यक्तित्व का विकास रुक सकता है।

3. इन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जा सकता (Fundamental rights cannot be violated)।

4. ये मौलिक अधिकार न्याय योग्य हैं, (This fundamental right is justifiable) और समाज के प्रत्येक नागरिकों को समान रूप से प्राप्त होते है।

Personal Law in the Indian constitution: भारतीय संविधान में पर्सनल लॉ

Fundamental Rights In Hindi: मौलिक अधिकार
Fundamental Rights In Hindi: मौलिक अधिकार

 

हमारा संविधान (Indian constitution fundamental rights in hindi) 1950 को लागू हुआ था। भीमराव अंबेडकर (B. R. Ambedkar) जिन्होंने हमारे देश का महान संविधान लिखा उन्होंने इन अनुच्छेद पर बहुत बारीकी से ध्यान दिया है। 

मौलिक अधिकार (Our Fundamental rights in hindi) में वे सभी कानून लागू रहेंगे जो ब्रिटिश द्वारा लागु किये गए थे, लेकिन इन कानूनों में तब तक कोई बदलाव नहीं किया जायेगा जब तक पिछला कानून नए कानून को हस्तक्षेप न करें। जैसे – ब्रिटिश कानून में पर्सनल लौ (Personal Law) शामिल जिसमे मुस्लिम कानून लौ (Muslim Act Law) और हिन्दू कानून लौ (Hindu Act Law) भी शामिल है। 

तीन तलाक (Triple Talaq) वाला कानून पिछले कानून में शामिल था जिसमे पुरुषों को ये हक़ था की वो महिला को तीन तलाक देकर कर महिला को परेशान कर सकता था। महिलाओं को बचाने के लिए इस तीन तलाक वाले कानून में संसोधन किया गया।

Beti Bachao Beti Padhao

List of fundamental rights in Hindi: मौलिक अधिकारों की सूची

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